लोहरदगा/घाघरा।
करंटोली से गुटवा तक जर्जर सड़क की समस्या को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। घाघरा–लोहरदगा पथ पर करंजटोली मोड़ के समीप महिला–पुरुषों ने एक घंटे तक एनएच को जाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच से गुटवा होते हुए करंजटोली तक की कच्ची सड़क वर्षों से बेहद खराब स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक चमरा लिंडा लगातार तीन बार से जीतते आए हैं, बावजूद इसके सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रखंड प्रशासन भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे, जिसका खामियाजा आम ग्रामीण लंबे समय से भुगत रहे हैं।
सड़क जाम में शामिल वृद्ध महिलाओं ने बताया कि “हमने बचपन से अब तक सड़क बनते नहीं देखा। जब परेशानी असहनीय हो गई, तभी मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा।”
सूचना पर घाघरा सीओ खाखा सुशील कुमार और थाना प्रभारी पुनीत मिंज मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के लिखित आश्वासन और बारिश खत्म होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने के वादे के बाद ग्रामीणों ने एक घंटे बाद जाम हटा दिया।
इधर, संयोग से सड़क जाम के दौरान उच्च न्यायालय के लोकपाल का इसी रास्ते से गुजरने का कार्यक्रम था। उन्हें गम्हरिया मार्ग होते हुए नवडीहा से गंतव्य तक भेजा गया।
जाम के कारण व्यावसायिक, निजी और सवारी वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। इस आंदोलन में गांव की सैकड़ों महिला–पुरुष शामिल रहे।